Wednesday, August 25, 2010

बचपन

मासूम सा दिल है, सारा जहान अपनाते है।
रंग है इतने ख्वाबो में सारी दुनिया सजाते है।
हँसते है, मुस्कुराते है ,भोलेपन से बादलों को रिझाते है।
झूमते हैं, चहकते हैं ,बरसते पानी में महकते है;
थम जो जाये बारिश घर पर रहा नहीं करते है।
मस्ती भरे मन को लेकर खेलने हम निकलते हैं;
कपडे ही हुए हैं गंदे परवाह नहीं करते है।
खेल छोड़कर कैसे घर जा सकते है;
हो जाने दो देर थोड़ी डांट हम सह सकते है।
जब गंदे कपड़ो में घर पहुचते हैं,
मम्मी डांट लगाया करती है,
मासूम चेहरे से पिघलकर फिर हमें खिलाया करती है।
और पापा जब भी डांटे हमें छिपाया करती है।
आज तो सन्नाटे में वो
डांट हमें लुभाती है।
और वो मीठी सी याद दर्द में भी मुस्कराहट ले आती है

Sunday, April 11, 2010

फितरत

टूटे सपने बुनना फितरत थी हमारी,
पर उन खामोश पलों ने सब सिखा दिया
सोंचा था चलेंगे कभी गम की राहों में,
पर उस एक नज़र ने सरे गमो को मिटा दिया,
थी मंजिल थी राहें फिर भी निकल पड़े हम ,
क्या करें उस एक नज़र ने दीवाना जो बना दिया

मासूम सा दिल.......

मासूम सा दिल है,
हर पल ये धडकता है।
दिमाग की बातों का इस पर ,
कोई जोर नहीं चलता है।
हर धड़कन से एक मासूम सी आवाज़ आती है।
पर जाने क्यों वक़्त की धार और सोंच के वार से,
वो आवाज़ कुछ धीमी पड़ जाती है।

Thursday, April 1, 2010

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी क्या है ?
ख़ुशी की तलाश या गम का दर्पण।
जीत का इतिहास या मुश्किलों से सम्बन्ध।
फूलों की फुहार या कांटो की चुभन।
बचपन की शरारत या मंजिल की ललक
अपनों का प्यार या खुद से संघर्ष
अतीत की पुकार या भविष्य का स्वप्न।
यादों की पुकार या कर्मो की मिशाल
क्या है आखिर ,
प्रश्नों का जवाब या जवाब में भी प्रश्नों की कतार!

Sunday, February 28, 2010

HOLI

रंगों के इस त्यौहार में हर रंग आपको रंग जाये।
यादें हमारी भी आपके दिल में घर कर जाये।
हर रंग से रंगीन हो दुनिया आपकी
हर फूल की महक आपके जीवन को महकाए

Saturday, February 27, 2010

feelings

कितनी अजीब यादें है,
खुशियों के होकर भी रुलाते है
पर आंसुओं में भी प्रेम बरसाते हैं।
इन्ही बूंदों में अपना दर्पण दिखलाते है।
कितनी अजीब यादें है,
ख़ुशी के बाद नैनो में अश्को को ले आते हैं।
इन्ही अश्कों में मुश्किलों को बहाते हैं।
डूबकर इन अश्कों में नया उमंग जागते है।
हाँ, किनी अजीब यादें है,
रुलाकर उतशाह बढ़ाते हैं ।