Tuesday, May 24, 2016

ज़िन्दगी क्याहै ?

ज़िन्दगी क्याहै ?
ख़ुशी की तलाश या गम का दर्पण ,
जीत का इतिहास या मुश्किलों से सम्बन्ध ,
फूलों की फुहार या काँटों  की चुभन ,
बचपन की शरारत या मंज़िल की ललक ,
अपनों का प्यार या खुद से संघर्ष,
अतीत की पुकार या भविष्य का स्वप्न ,
यादो की पुकार या कर्म की मिशाल ,
क्या है आखिर ,
प्रश्नों का जवाब या जवाब में भी प्रश्नों की कतार ? 

Wednesday, May 18, 2016

खुला आसमान

ऊँची उड़ान लगानी है ,
थकने की  हमें परवाह नहीं ,
ज़ंजीरो ने हमे रोका है ,
पिंजरे के हम पंछी नहीं ,
आसमान कर रहा इंतज़ार मेरा,
खुल कर पंख फैलाना है।