Wednesday, May 18, 2016

खुला आसमान

ऊँची उड़ान लगानी है ,
थकने की  हमें परवाह नहीं ,
ज़ंजीरो ने हमे रोका है ,
पिंजरे के हम पंछी नहीं ,
आसमान कर रहा इंतज़ार मेरा,
खुल कर पंख फैलाना है। 

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