Saturday, May 6, 2017

मेरा देश.........


खौलता है खून जब जवानो के सर काटे  जाते है ,
नक्सलियों द्वारा देश के बेटे मारे  जाते है। 
खुदगर्ज़ है वो लोग जो भीतर से आघात करते है ,
देश पर जान देने वाले बेटो को जाने कैसे बदनाम करते है। 
लोकतंत्र है जी वो ये कारनामा भी खुले आम करते है ,
सारे  अधिकार है इनके , पर कर्तव्यों का इन्हे ज्ञान नहीं।
अब तो लाचारी लगती है, इन्हे बर्दाश्त किये जा रहे है ,
हर गलत के साथ खड़ा है एक , उसे ख़ास किये जा  रहे है। 
वक़्त आ गया है इन्हे औकात बता दो , 
इनको हमारे देश की साख बता दो। 
बदतमीजी अब माफ़ न करेंगे ,
दोगले चेहरे अब बर्दाश्त न करेंगे।  
या तो इस देश को मन से अपनाइये ,
वार्ना  यंहा से चले जाइये। 




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